शनि की साढ़ेसाती कैसे लगती है?

शनि की साढ़ेसाती कैसे लगती है?

शनि की साढ़ेसाती एक ऐसी ग्रहण अवस्था है जो ज्योतिष शास्त्र में मान्यता प्राप्त है। इसके अनुसार, जब कोई व्यक्ति जन्मकुंडली में शनि ग्रह की साढ़ेसाती में होता है, तो उसकी जीवनमंदिर की स्थिति और घटनाओं में परिवर्तन होता है।

शनि की साढ़ेसाती की अवधि लगभग 7.5 वर्ष होती है और इसका प्रभाव जन्मकुंडली के तीन राशियों पर पड़ता है। यह राशियां वह होती हैं जिनमें शनि ग्रह वर्तमान में स्थित होता है और उनके आसपास की दो राशियां। इसका मतलब है कि यदि किसी की जन्मकुंडली में शनि ग्रह मेष, कर्क या तुला राशि में स्थित है, तो वह शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में होगा।

शनि की साढ़ेसाती कैसे लगती है?

जब कोई व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती में होता है, तो उसके जीवन में कठिनाइयां, संकट, अवस्थाएं और चुनौतियां आ सकती हैं। इस समय में व्यक्ति को धैर्य और संतुलन की आवश्यकता होती है। यह समय उसकी जीवन में बदलाव और परिवर्तन की संकेत देता है। शनि की साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को कठिनाइयों से निपटने के लिए सावधान रहना चाहिए और अच्छी सेहत, ध्यान, और पूर्णता को बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।

शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपायों का अनुसरण किया जा सकता है, जैसे मंत्र जाप, दान, पूजा, तपस्या, और अन्य आध्यात्मिक अभ्यास। यह समय भी उपायों के लिए सबसे शुभ माना जाता है और अच्छे कर्मों करने और दूसरों की सहायता करने का उत्कृष्ट अवसर हो सकता है।

यदि कोई व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती में है, तो उसे इस अवधि को सावधानीपूर्वक निभाना चाहिए। यह अवधि धीरे-धीरे गुजर जाती है और शनि की ग्रहण के उदय के समय समाप्त होती है। शनि की साढ़ेसाती के बाद व्यक्ति को सुख, समृद्धि और स्थिरता की प्राप्ति की उम्मीद होती है।

अगर आप शनि की साढ़ेसाती में हैं, तो मैं आपको सलाह दूंगा कि आप अपने ज्योतिषशास्त्री की सलाह लें और विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में रहें। वे आपको उचित उपायों और अनुष्ठानों के बारे में बता सकते हैं जो आपको शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से बचने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, धैर्य, संतुलन, और सक्रियता बनाए रखने का प्रयास करें और साथ ही परिवार और मित्रों का सहयोग लें। ध्यान और मेधा बढ़ाने वाली अभ्यासों में रुचि रखें और समय के साथ शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में सुधार हो सकता है।

शनि की साढ़ेसाती किन किन राशि में होता है?

निम्नलिखित तालिका में शनि की साढ़ेसाती की राशियों की जानकारी दी गई है:

शनि ग्रह की स्थितिसाढ़ेसाती की राशियां
मेष राशि (Aries)कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि (Cancer)तुला राशि (Libra)
तुला राशि (Libra)मकर राशि (Capricorn)

कृपया ध्यान दें कि यह साधारण राशि साढ़ेसाती के लिए है और व्यक्ति की जन्मकुंडली में विविधता हो सकती है। ज्योतिषशास्त्री की सलाह लेने के बाद ही यह पक्ष निर्धारित किया जा सकता है।

शनि की साढ़ेसाती कैसे उतरती है?

शनि की साढ़ेसाती धीरे-धीरे उतरती है और इसकी अवधि लगभग 7.5 वर्ष होती है। इस अवधि में शनि ग्रह तीन राशियों पर प्रभाव डालता है - जिस राशि में वह मूलतः स्थित है और उसके आसपास की दो राशियां। शनि की साढ़ेसाती की अवधि व्यक्ति के जन्म के समय बताई गई राशि पर निर्भर करती है।

शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव सबसे अधिक तीस की उम्र के बाद होता है और उसके उदय के समय या तारीख पर खत्म होता है। यह अवधि व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयों, संकटों, और परिवर्तन की संकेत देती है। शनि की साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को धैर्य, संतुलन, और पूर्णता बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

ज्योतिषशास्त्री व्यक्ति के जन्मकुंडली का विश्लेषण करके उसे शनि की साढ़ेसाती में होने के बारे में जानकारी देते हैं। इसके आधार पर वे उपयुक्त उपाय और अनुष्ठानों की सलाह देते हैं जो व्यक्ति को इस अवधि के प्रभाव से बचने और उसे कम करने में मदद कर सकते हैं।

शनि की साढ़ेसाती अवधि के दौरान, व्यक्ति को निम्नलिखित उपायों का पालन करना चाहिए जो इस प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। नीचे दिए गए टेबल में इन उपायों की जानकारी दी गई है:

उपायविवरण
दानशनिवार को काली चना, तिल, सरसों, नीली कपड़ा, उड़द दाल आदि के दान करें।
मंत्र जाप"ॐ शं शनैश्चराय नमः" या "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें।
पूजाशनिवार को शनि देव की पूजा करें और उन्हें नीले रंग की चीज़ों से प्रसन्न करें।
रत्नशनि रत्न माणिक्य, नीलम, अमेथिस्ट, शनि मोती, शनि पुखराज आदि पहनें।
ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यासशनि की साढ़ेसाती के दौरान ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास में रुचि रखें।
योग और ध्यानयोग और ध्यान का अभ्यास करें जैसे कि प्राणायाम, ध्यान, और मन्त्र जाप।

कृपया ध्यान दें कि ये उपाय आपकी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करते हैं। ज्योतिषशास्त्री की सलाह लेने से पहले आपको सटीक और व्यक्तिगत सलाह प्राप्त करने के लिए उनसे परामर्श करना चाहिए।

शनि की साढ़े साती कैसे पता करें?

शनि की साढ़ेसाती की जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करके आप शनि की साढ़ेसाती के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  • ज्योतिषशास्त्री का संपर्क करें: एक विशेषज्ञ ज्योतिषशास्त्री से संपर्क करें और अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण करवाएं। वे आपको शनि की साढ़ेसाती के बारे में जानकारी देंगे।

  • ऑनलाइन ज्योतिष सेवाएं: कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं जो आपकी जन्मकुंडली के आधार पर शनि की साढ़ेसाती की जानकारी प्रदान करते हैं। आप उनमें से किसी एक की सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।

  • मोबाइल ऐप्स: कई ज्योतिषीय मोबाइल ऐप्स उपलब्ध हैं जो शनि की साढ़ेसाती के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। आप एप्लिकेशन स्टोर से कुछ ऐप्स डाउनलोड करके उनका उपयोग कर सकते हैं।

ज्योतिषशास्त्री की सलाह लेने से पहले, आपको अपनी जन्म तिथि, समय, और स्थान की सटीक जानकारी प्रदान करनी होगी। इसके आधार पर वे आपको शनि की साढ़ेसाती के बारे में सटीक जानकारी प्रदान करेंगे।

यदि आप शनि की साढ़ेसाती के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, ज्योतिषशास्त्री, ऑनलाइन ज्योतिष सेवाएं और मोबाइल ऐप्स आपकी मदद कर सकते हैं। नीचे दिए गए टेबल में इनके नाम दिए गए हैं:

प्लेटफ़ॉर्म / सेवाविवरण
ज्योतिषशास्त्रीविशेषज्ञ ज्योतिषशास्त्री के संपर्क में आएं और उनसे जन्मकुंडली का विश्लेषण करवाएं।
एस्ट्रोसेजऑनलाइन ज्योतिष सेवा। वेबसाइट: https://www.astroseva.com/
ज्योतिष से ज्योतिषवेबसाइट और मोबाइल ऐप्स पर उपलब्ध हैं। वेबसाइट: https://www.jyotishsejyotish.com/
गणेशास्पीज्योतिष सम्बंधित जानकारी और सेवाएं प्रदान करने वाला वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स। वेबसाइट: https://www.ganeshaspeaks.com/
जगदीशपुराणीमोबाइल ऐप जो ज्योतिष संबंधित जानकारी प्रदान करता है। Jagdishpurani (Android)

कृपया ध्यान दें कि ये सेवाएं और ऐप्स आपको शनि की साढ़ेसाती के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, लेकिन इनका उपयोग करने से पहले आपको व्यक्तिगत सलाह के लिए ज्योतिषशास्त्री से परामर्श करना चाहिए।

शनि की साढ़ेसाती कैसे लगती है FAQs

शनि की साढ़ेसाती के बारे में निम्नलिखित प्रमुख प्रश्न और उत्तर सामान्यतः लोगों के मन में उठने वाले होते हैं:

  • साढ़ेसाती क्या होती है? 

शनि की साढ़ेसाती एक ग्रह शनि के प्रभाव की अवधि होती है जो लगभग 7.5 साल तक चलती है। इस दौरान शनि व्यक्ति के जीवन पर असाधारण प्रभाव डालता है।
  • साढ़ेसाती किस राशि में होती है? 

शनि की साढ़ेसाती जन्मकुंडली के राशि के आधार पर होती है। शनि वर्षफल के अनुसार, जन्मराशि, सूर्य राशि और चंद्रमा राशि के द्वारा शनि की साढ़ेसाती का निर्धारण किया जाता है।
  • साढ़ेसाती के लक्षण क्या होते हैं?

 साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति अनुभव कर सकता है: धन संबंधी समस्याएं, स्वास्थ्य सम्बंधी परेशानियां, परिवार में तनाव, कार्य में दिक्कतें, बाधाएं आदि।
  • साढ़ेसाती के दौरान उपाय क्या हैं? 

शनि की साढ़ेसाती के दौरान कुछ उपायों का पालन किया जा सकता है जैसे: शनिवार को दान, मंत्र जाप, शनिदेव की पूजा, शनि के उपाय व्रत, रुद्राभिषेक, पवित्र शनि की यात्रा आदि। इन उपायों का प्रयास करना शनि के प्रभाव को कम कर सकता है।
  • क्या सभी लोगों को साढ़ेसाती का प्रभाव होता है?

 नहीं, साढ़ेसाती का प्रभाव सभी लोगों पर नहीं होता है। शनि की साढ़ेसाती केवल उन लोगों को प्रभावित करती है जिनकी जन्मकुंडली में शनि अशुभ स्थिति में होता है।

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